Saturday, October 11, 2014

काहे बिसरवल प्रभु जी नेहिया लगा के

Source-http://gopiradhakrishna.blogspot.in/

काहे बिसरवल प्रभु जी नेहिया लगा के
नेहिया लगा के प्रभु जी प्रेम भक्ति लाके

कंश के विध्वंस  कएल मथुरा में जाके
बासुदेव देवकी के ललना कहा के  |  काहे...

गोकुला के त्याग कएल मथुरा में जा के
कुब्जा से नेहिया कएल मोहे बिसरा के | काहे...

वृन्दावन में रास कएल गौआ चरा के
मन हरि ले ल प्रभु जी बंशी बजा के  | काहे...

गणिका के साड़ी ले प्रभुजी अजामिल के तार के

कुब्जा से नेहिया कएल मोहि बिसरा के | काहे...

सुनैना वियोग- झूमर (मगही)

Source- http://www.india-forums.com/
कहे सुनैना राजा जनक जी के
विदा ना करबई दुलारी के

के बगियासे फूल लोढ़ी लईहे
के पूजा करिहें त्रिपुरारी के

के पूजा के  थार सजयिहें
के पूजा करे मुरारी के 

के मोर अंचरा में रुनझुन करिहें
के शोभा करिहें अटारी के 

उर्वा (उषा)- अनिरुद्ध - झूमर (मगही)


(Source-http://www.assaminfo.com/)

उरवा सुंदरी नारी सब सखियन में देखली राते
अनिरुद्ध के सपनवा देखली राती

चित्रलेखा सखी जगावन जाए रोवन लागे
नीर भरी के नयनवा रोवन लागे

चित्रलेखा  सखी उरवा से पूछे बात काहे कारण
सखी मन हे मलिनवा
चक्र सुदर्शन हथी रखवरवा
कठिन भाई सखी उनका मिलनवा
विष्णु रूप धरी बैठूं मंदिर में
उडाये लाने सेज सहित असनवा

इतर गुलाब उर्वा छिडकन लागे 
होवन लागे नीर बसी के सवनवा

मंगल सुदिन दिन बीतल ओही दिनवा 
बिहसी बोले हरिनाथ के सजनवा

मैया यशोदा हे राउर दुलरू गागर देलन फोर


मैया यशोदा हे
राउर दुलरू गागर देलन फोर
कथी के उजे गागर बनी है,
कथीनी लागल डोर | 
मैया यशोदा...

सोने के उजे गागर बनी है
रेशम लागल डोर | 
मैया यशोदा...
  
सोरहो श्रींगार बतीसो अभरनवा
माटी मिलवलन मोर | 
मैया यशोदा...

का हम कहूँ मैया अपन नतीजवा
पुतहु भेलियो तोर | 
मैया यशोदा...

जब हम चलनी ओरहन देवे
भगले जंगल के ओर | 
मैया यशोदा...

सरही दास प्रभु तुम्हरे दर्श के

हथी कन्हैया चितचोर | 
मैया यशोदा...

वंशी-वट की होरी- झूमर

(source- Google search | vimlapatil.com)

चल सखी वंशीवट , यमुना निकट... 
 जहाँ होरी खेले
मोर मदन गोपलवा, 
होरी खेले
लाली मनोहारी बरन बसंती 
फूल फले फुले
बकुल रसलवा 
फल फुले
कास कास चोली चीर  
पिचकारी भर-भर भर-भरे
भर अबीर गुलाल भर-भरे
वारि बनवारी गारी 
गई के सुनावे...  अलबेली
आली चलली अचलवा...  अलबेली
जन हरिनाथ हो 
हरखे तन मनवा... अलबेली
मधुरी आली 
आली चलली अचलवा... अलबेली