Saturday, October 11, 2014

वंशी-वट की होरी- झूमर

(source- Google search | vimlapatil.com)

चल सखी वंशीवट , यमुना निकट... 
 जहाँ होरी खेले
मोर मदन गोपलवा, 
होरी खेले
लाली मनोहारी बरन बसंती 
फूल फले फुले
बकुल रसलवा 
फल फुले
कास कास चोली चीर  
पिचकारी भर-भर भर-भरे
भर अबीर गुलाल भर-भरे
वारि बनवारी गारी 
गई के सुनावे...  अलबेली
आली चलली अचलवा...  अलबेली
जन हरिनाथ हो 
हरखे तन मनवा... अलबेली
मधुरी आली 
आली चलली अचलवा... अलबेली 

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